September 2, 2026
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US Tariffs: ट्रंप का बड़ा वार, भारत को भरोसा डील पर – टकराव या समाधान?

नई दिल्ली। अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब भारतीय दवाओं पर भी 200% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। अगर यह लागू होता है तो भारतीय फार्मा कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

ट्रंप का भारत पर हमला

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि भारत ने अब टैरिफ जीरो करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन “अब बहुत देर हो चुकी है”। उन्होंने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों को “इकतरफा संबंध” तक कह डाला। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह रुख भारत-अमेरिका कारोबारी रिश्तों को और अधिक जटिल बना सकता है।

गोयल की उम्मीद – नवंबर तक डील

इधर, भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एनुअल ग्लोबल इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि “नवंबर तक अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय समझौता हो जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि फरवरी 2025 में जिस समझौते की बात शुरू हुई थी, उसे जल्द ही अंतिम रूप दिया जा सकता है।

गोयल का यह बयान ट्रंप की कड़ी टिप्पणी के अगले ही दिन आया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब अमेरिका की ओर से लगातार टैरिफ बढ़ाने और दरवाजे बंद करने की बातें हो रही हैं, तो भारत को यह भरोसा कहां से आ रहा है कि बातचीत से सबकुछ ठीक हो जाएगा।

फार्मा सेक्टर पर सबसे बड़ा खतरा

अब तक भारतीय फार्मा कंपनियां अमेरिकी टैरिफ से काफी हद तक सुरक्षित रही थीं। लेकिन अगर ट्रंप की घोषणा लागू होती है तो यह टैरिफ मौजूदा स्तर से चार गुना तक बढ़ सकता है। इससे न केवल कंपनियों को आर्थिक झटका लगेगा, बल्कि दवाओं के निर्यात पर भी गहरा असर पड़ेगा।

SCO समिट भी बना तनाव की वजह

विश्लेषकों का मानना है कि हाल ही में हुई SCO समिट ने भी रिश्तों में खटास डाली है। पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई थी, जिसे ट्रंप ने नकारात्मक नजरिए से देखा। ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो भी इस मुद्दे पर लगातार सख्त बयानबाजी कर रहे हैं।

बातचीत अटकी, स्थिति गंभीर

भारत और अमेरिका के बीच 25 अगस्त को प्रस्तावित द्विपक्षीय वार्ता भी नहीं हो सकी और नई तारीख का ऐलान भी नहीं हुआ है। ऐसे में जबकि उद्योग जगत को नुकसान और नौकरियों पर संकट का डर सता रहा है, भारत सरकार अभी भी समझौते को लेकर आशावान है।

NM Digital Desk

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नारद मंथन डिजिटल डेस्क एक ऑफिसियल कॉर्नर है जहाँ विभिन्न लेखकों और संपादकों द्वारा लिखी गई खबरें पोस्ट की जाती हैं। इस डेस्क से अलग-अलग शिफ्ट में विभिन्न खबरें प्रकाशित की जाती हैं।
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