नितिन गडकरी का बड़ा खुलासा: “मेरे खिलाफ सोशल मीडिया पर पैसे देकर चलाया गया कैंपेन”
दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया कि ईंधन में इथेनॉल के इस्तेमाल को लेकर उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर पेड कैंपेन चलाया गया।
E20 पेट्रोल पर उठे सवाल, गडकरी ने दी सफाई
गुरुवार (11 सितंबर, 2025) को सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIYAM) के 65वें वार्षिक सम्मेलन में गडकरी ने कहा—
“E20 पेट्रोल, जिसमें 20% इथेनॉल और 80% पारंपरिक ईंधन होता है, इसके खिलाफ ऑनलाइन कैंपेन को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ पैसे देकर अभियान चलाया गया था। इस पर ध्यान न दें।”
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की थी याचिकाएं
दरअसल, पेट्रोल पंपों पर इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल अनिवार्य करने और E20 प्रोग्राम रोकने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इन्हें खारिज कर दिया था। इसके बाद सरकार को इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम लागू करने में बड़ी राहत मिली।
गाड़ियों की वारंटी और माइलेज पर असर?
वाहन कंपनियों और ईंधन आपूर्तिकर्ताओं ने साफ किया है कि E20 के लिए डिजाइन की गई गाड़ियों की वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ E20 ईंधन से गाड़ियों की माइलेज कम हो सकती है और पुराने वाहनों को नुकसान पहुंच सकता है।
सरकार के मुताबिक फायदे
सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण से—
- तेल आयात में कमी आएगी,
- प्रदूषण और उत्सर्जन घटेगा,
- किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
पिछले हफ्ते सरकार द्वारा E20 पेट्रोल की अनिवार्य बिक्री के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर इसकी काफी आलोचना हुई थी।















