October 17, 2026
बिजनेस भारत

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, अब बिकता रहेगा 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल

नई दिल्ली। पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाकर (EBP-20) बेचने की नीति को चुनौती देने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता का तर्क था कि ज्यादातर वाहन इस मिश्रित ईंधन के अनुकूल नहीं हैं और इससे इंजन की कार्यक्षमता व माइलेज पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

क्या थी याचिकाकर्ता की दलील?

अक्षय मल्होत्रा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील शादान फरासत ने कहा कि 2023 से पहले बने वाहन EBP-20 के लिए उपयुक्त नहीं हैं। इस ईंधन से गाड़ियों का माइलेज घट रहा है और इंजन को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने मांग की कि पेट्रोल पंपों पर एथेनॉल-मुक्त पेट्रोल की भी बिक्री होनी चाहिए ताकि उपभोक्ता अपनी गाड़ी के हिसाब से ईंधन चुन सकें।

केंद्र सरकार का जवाब

केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमनी ने इस याचिका का जोरदार विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह नीति राष्ट्रीय हित और किसानों के लाभ को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इससे गन्ना उत्पादक किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है। उन्होंने कोर्ट से कहा कि इसे केवल एक व्यक्ति की चिंता न समझा जाए, बल्कि एथेनॉल नीति का विरोध करने के पीछे बड़ी लॉबी भी सक्रिय है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकार की यह नीति व्यापक जनहित में है और इसे रोका नहीं जा सकता।

इस फैसले के बाद अब देशभर में पेट्रोल पंपों पर 20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की बिक्री जारी रहेगी।

NM Digital Desk

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नारद मंथन डिजिटल डेस्क एक ऑफिसियल कॉर्नर है जहाँ विभिन्न लेखकों और संपादकों द्वारा लिखी गई खबरें पोस्ट की जाती हैं। इस डेस्क से अलग-अलग शिफ्ट में विभिन्न खबरें प्रकाशित की जाती हैं।
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