नेपाल हिंसा का भारत पर असर: बॉर्डर सील, मैत्री बस सेवा बंद, कारोबार ठप
नेपाल में भड़की हिंसा का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। भारत-नेपाल सीमा पूरी तरह से सील कर दी गई है और नेपाल जाने वाली मैत्री बस सेवा को बंद कर दिया गया है। चोरी-छिपे होने वाली आवाजाही पर भी सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इस हिंसा के चलते सीमावर्ती कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है।
खटीमा और चंपावत के व्यापारियों पर सबसे ज्यादा असर
नेपाल से लगे बनबसा, चंपावत और खटीमा के कारोबारियों पर हिंसा का सीधा असर पड़ा है। सामान्य दिनों में यहां नेपाल से लोग खरीदारी करने आते हैं और भारतीय व्यापारी नेपाल के कई शहरों में अपना सामान बेचते हैं। लेकिन फिलहाल सीमा बंद होने से खटीमा के बाजार सुनसान पड़े हैं और व्यापारियों का धंधा पूरी तरह ठप हो गया है।
मैत्री बस सेवा बंद, लोग फंसे दोनों ओर
नेपाल के महेंद्रनगर से दिल्ली और देहरादून चलने वाली मैत्री बस सेवा मंगलवार से पूरी तरह बंद है। इसके चलते हजारों लोग दोनों तरफ फंसे हुए हैं।
- कई भारतीय व्यापारी, जिनकी दुकानें महेंद्रनगर (नेपाल) में हैं, बॉर्डर तक नहीं पहुंच पा रहे।
- वहीं, नेपाली मजदूर, जो देहरादून, नैनीताल और मसूरी जैसे शहरों में काम करने आते हैं, अब वहीं फंसे हुए हैं।
- नेपाल से दिल्ली आने वाले और दिल्ली से नेपाल जाने वाले यात्रियों को सीमा पर ही रोक दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
नेपाल की स्थिति को देखते हुए उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में अलर्ट जारी किया गया है।
- एसपी मणिकांत मिश्रा ने बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं।
- SSB, पुलिस और आर्मी लगातार सीमा पर चौकसी कर रही हैं।
- पिथौरागढ़ में नेपाल को जोड़ने वाले पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
फिलहाल भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि कोई भी उपद्रवी भारत में प्रवेश न कर सके।















