April 16, 2026
साहित्य और रचनाएँ

सुंदरतम

जल ने प्रलय मचा रखी है
आसमाँ की मोहब्बत में
दुनिया तबाह कर रखी है।

सोचते हो मोहब्बत
बस तुमने ही की है यहाँ
ओह नहीं नहीं……

हवा ने पानी से
पानी ने हवा से
आंखों से आंखें मिला रखी है।

सोचते हो खूबसूरत
बस तुम ही हो यहां
ओह नहीं नहीं……

पर्वतों ने अपनी सुंदरता से
सारी दुनिया अपने
कदमों में झुका रखी है।

राजीव डोगरा
(युवा कवि लेखक और भाषा अध्यापक)
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश।

NM Digital Desk

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नारद मंथन डिजिटल डेस्क एक ऑफिसियल कॉर्नर है जहाँ विभिन्न लेखकों और संपादकों द्वारा लिखी गई खबरें पोस्ट की जाती हैं। इस डेस्क से अलग-अलग शिफ्ट में विभिन्न खबरें प्रकाशित की जाती हैं।
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