October 19, 2026
राज्य भारत

मथुरा में बाढ़ का खतरा: खतरे के निशान पार कर गई यमुना, गांवों का संपर्क टूटा, नाव संचालन बंद

उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी उफान पर है। लगातार बारिश की वजह से नदी का जलस्तर पिछले पांच दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। गुरुवार दोपहर 11 बजे तक यमुना का पानी 166.51 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के स्तर से 51 सेंटीमीटर ऊपर है।

गांवों का संपर्क कटा, खेतों में भरा पानी

यमुना का जलस्तर बढ़ने से महावन और छाता तहसील के कई गांव जलमग्न हो गए हैं। खेतों और लिंक रोड पर पानी भरने से गांवों का संपर्क कट गया है। प्रशासन ने स्टीमर की मदद से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बाढ़ प्रभावितों का शेल्टर होम में शिफ्ट

गांव खाली करने वाले लोग अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं, जबकि कई लोगों को प्रशासन द्वारा बनाए गए शेल्टर होम्स में ठहराया गया है। यहां खाने-पीने और रहने की पूरी व्यवस्था की गई है। यमुना किनारे बसी कॉलोनियों में भी पानी घुस चुका है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए

नगर निगम ने घाटों को बैरिकेड कर रास्ते बंद कर दिए हैं। घाटों की सीढ़ियां लगभग पूरी तरह डूब चुकी हैं। चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं जिन पर लिखा है— “आगे गहरा पानी है, आगे न जाएं।”

नाव संचालन पर रोक

जिला प्रशासन ने यमुना में नाव संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। हालांकि श्रद्धालु घाटों पर पहुंचकर स्नान और आचमन कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं।

प्रशासन का लगातार दौरा

मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, एसपी श्लोक कुमार सिंह और एडीएम फाइनेंस पंकज वर्मा बाढ़ प्रभावित इलाकों का लगातार दौरा कर रहे हैं। प्रशासन की टीम प्रभावित लोगों को स्टीमर के जरिए निकालकर शेल्टर होम्स में शिफ्ट कर रही है।

NM Digital Desk

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नारद मंथन डिजिटल डेस्क एक ऑफिसियल कॉर्नर है जहाँ विभिन्न लेखकों और संपादकों द्वारा लिखी गई खबरें पोस्ट की जाती हैं। इस डेस्क से अलग-अलग शिफ्ट में विभिन्न खबरें प्रकाशित की जाती हैं।
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